मार्केटिंग किसे कहते हैं | मार्केटिंग करने का तरीका

 मार्केटिंग किसे कहते हैं | मार्केटिंग करने का तरीका 

मार्केटिंग क्या है और मार्केटिंग कैसे करते हैं यह हर इंसान को पता होना चाहिए | 

आज मै आपको मार्केटिंग किसे कहते हैं और कुछ मार्केटिंग करने के तरीके के बारे में बताऊंगा |

अगर आप एक आम इंसान है और आपको मार्केटिंग के बारे में पता होगा तो आप कंपनी के मार्केटिंग स्ट्रेटेजी को समझ सकते है और अपने लिए एक सही प्रोडक्ट चुन सकते हैं |

कुछ कंपनी ऐसे होती है जो झूठी मार्केटिंग करके लोगो को बेवकूफ बनाती हैं |

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इस पोस्ट में बताई गयी जानकारी –

1.मार्केटिंग किसे कहते है | मार्केटिंग क्या होता है 

2.मार्केटिंग के 6 पी (6 P’s of Marketing )

3.मार्केटिंग के प्रकार 

4.मार्केटिंग करने का तरीका




1. मार्केटिंग किसे कहते हैं ?

मार्केटिंग का नाम सुनकर आप सोचते होगे किसी भी सामान को बेचना बस यही मार्केटिंग हैं |

लेकिन मार्केटिंग किसी भी कंपनी के लिए एक बहुत बड़ी बात होती है |

मार्केटिंग की मदद से हम अपने प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में ऑडियंस को बताते हैं |

Advertisment और Promotion मार्केटिंग के प्रकार होते है जिन्हें हर कंपनी इस्तेमाल करती हैं |

अगर आप एक नई कंपनी खोलते है तो उसे सफल बनाने के लिए ब्रांडिंग और मार्केटिंग सबसे जरूरी होता है |

मार्केटिंग आपके इन्वेस्टमेंट और आपके प्रोडक्ट पर निर्भर रहता है |

2.मार्केटिंग के 6 पी (6 P’s of Marketing )

अब हम आपको बतायेंगे मार्केटिंग के 6 पी (6 P’s of Marketing ) 

अगर आप ये सोच रहे हैं की 6P क्या होता है तो हम बता दे इसका मतलब होता है मार्केटिंग के 6 pillars 

जब हम मार्केट में अपने प्रोडक्ट को लांच करते है तो हम उस समय मार्केटिंग के 6 pillars के बारे में ध्यान रखते है |

मार्केटिंग के 6P क्या है ?

1.Product (प्रोडक्ट)

2.Price (प्राइस)

3.Place (प्लेस)

4.Promotion (प्रमोशन)

5.People (पीपल)

6.Process (प्रोसेस)

चलिए अब हम डिटेल में जान लेते हैं की मार्केटिंग में यह सब चीज़े कैसे अपना योगदान देती हैं |




प्रोडक्ट (Product) – 

जब हम बहुत सारे चीजों को मिला कर ग्राहक की पसंद के अनुसार की एक चीज़ को बनाते हैं तो उसे हम प्रोडक्ट बनाते हैं |

कंपनी ख़ासकर ऐसे प्रोडक्ट बनाती हैं जिनसे उन्हें ज्यादा प्रॉफिट हो सके |

कंपनी प्रोडक्ट को बनाते समय प्रोडक्ट से रिलेटेड कुछ चीजों को हमेसा ध्यान में रखती है | 

जैसे की – 

1.Product line – रिलेटेड प्रोडक्ट किस ग्रुप का है | 

2.Product width – प्रोडक्ट लाइन किस संख्या की है |

3.Product depth – प्रोडक्ट की वैरायटी क्या है |

4.Product length – प्रोडक्ट लाइन में कुल आइटम की संख्या कितनी हैं |

कंपनी हमेसा अपने प्रोडक्ट को चुनने के पहले मार्केटिंग रिसर्च करती हैं ताकि उसे मार्केट के नीड के बारे में पता चल सके |

प्राइस (Price) – 

कंपनी अपने प्रोडक्ट की प्राइस को तय करने से पहले ये पता करती है की लोग उस प्रोडक्ट को कितना वैल्यू दे सकते हैं |

कुछ कंपनी प्रोडक्ट की प्राइस तय करने के लिए ऑनलाइन सर्वे की मदद भी लेते हैं |

कंपनी ये भी ध्यान में रखती है की उसके जैसे जो प्रोडक्ट मार्केट में पहले से है उनकी प्राइस कितनी हैं |

प्रोडक्ट की फाइनल प्राइस तय करने के लिए हम pricing marketing strategy का इस्तेमाल करते हैं |

Psychology of Pricing – 

इस method में हम प्रोडक्ट का प्राइस ऐसा रखते है जो लोगो के psychology से जुडी हुई रहती हैं |

इसमें हम ऐसे Price रखते हैं जो लोगो को आकर्षित करती है या उन्हें सस्ती लगती हैं |

जैसे- 599/- 199/- 139/- 

Cost-Plus Pricing –

इस method पे हम प्रोडक्ट के प्राइस में profit margin सहित सारे कास्ट को जोड़ देते हैं |

Demand Pricing 

जब हम किसी प्रोडक्ट के प्राइस को demand के आधार पर रखते हैं तो उसे demand प्राइसिंग कहते हैं |

जैसे- अगर किसी प्रोडक्ट की demand ज्यादा है तो कंपनी उस प्रोडक्ट का प्राइस भी ज्यादा कर देगी |

अगर किसी प्रोडक्ट का demand कम है तो कंपनी उस प्रोडक्ट की प्राइस को कम कर देगी ताकि उसका demand बढ़ सके |


Competitive Pricing 

मार्केट में एक प्रोडक्ट को बनाने वाली बहुत सारी कंपनी होती है इसलिए हर कंपनी अपने प्रोडक्ट का प्राइस सबसे कम रखना चाहती हैं | 

Markup Pricing 

रिटेलर जिस प्राइस में प्रोडक्ट customer को बेचते है उसे हम markup प्राइसिंग कहते हैं |

प्लेस (Place)

जब हम अपने प्रोडक्ट को ग्राहक तक पहुचाते है तो उसे प्लेस कहते हैं |

कंपनी के लिए प्रोडक्ट का physical distribution बहुत जरूरी होता है |

जब हम अपने प्रोडक्ट को सही समय पे सही प्लेस पे पहुचाते हैं तो उसे physical डिस्ट्रीब्यूशन कहते हैं |

प्रमोशन (Promotion)

जब कंपनी अपने प्रोडक्ट को अलग – अलग लोगो से प्रमोट करवाती हैं तो उसे प्रमोशन कहते हैं |

प्रमोशन कंपनी के प्रोडक्ट के मार्केटिंग में बहुत मददगार होता हैं |



कंपनी प्रमोशन से जुड़ी हुए तरीके – 

1.पर्सनल सेल्लिंग 

2.डायरेक्ट मार्केटिंग 

3.सेल्स 

4.पब्लिक रिलेशन 

5.एडवरटाइजिंग 

6.पब्लिसिटी 

प्रमोशन के इम्पोर्टेंस क्या है – 

1.यह मार्केट में ज्यादा से ज्यादा लोगो को आपके प्रोडक्ट के बारे में बताता हैं |

2.प्रमोशन करने से हमे एक अच्छी ब्रांडिंग मिलती हैं |

3.प्रमोशन हमारे सेल्स को बहुत तेज बूस्ट करता हैं |

People और Process ये दोनों भी प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट होते हैं |

मार्केटिंग कितने प्रकार का होता है ?

सामान्य तौर पर मार्केटिंग दो तरीके का होता है –

1.ऑफलाइन मार्केटिंग 

2.ऑनलाइन मार्केटिंग 

1.ऑफलाइन मार्केटिंग में हम अपने प्रोडक्ट का ऑफलाइन व्यापार करते हैं और उसकी advertisement भी हम ऑफलाइन करते हैं |

2.ऑनलाइन मार्केटिंग में हम अपने प्रोडक्ट को इन्टरनेट के माध्यम से अपने ग्राहक तक पहुचाते हैं | 

आज के समय में ऑनलाइन मार्केटिंग का ट्रेंड बहुत बढ़ गया है जिससे बहुत कंपनी को इससे फायदा हुआ है |

ऑनलाइन advertisement करना भी बहुत सस्ता हो गया हैं |



मार्केटिंग करने के बेसिक तरीके | मार्केटिंग करने का तरीका 

मार्केटिंग करने के भी बहुत सारे तरीके होते हैं और मै आपको उनमे से कुछ तरीको कर बारे में बताऊंगा जो कंपनी सबसे ज्यादा इस्तेमाल करती हैं |

1.नेटवर्क मार्केटिंग 

नेटवर्क मार्केटिंग के लिए आप मार्केट में उपलब्ध कंपनी का सहारा ले सकते हैं |

अगर आपके पास खुद का एक नेटवर्क है तो आप आसानी से अपने प्रोडक्ट के बारे में उन्हें बता सकते हैं |

2.आउटबाउंड मार्केटिंग 

आउटबाउंड मार्केटिंग में कंपनी डायरेक्ट अपने कस्टमर्स तो कॉल या मेसेज करके बताती हैं अपने किसी नये प्रोडक्ट के बारे में और कस्टमर्स से उन्हें try करने को बोलती हैं |

3.इनबाउंड मार्केटिंग 

इनबाउंड मार्केटिंग एकदम उल्टा प्रोसेस है आउटबाउंड मार्केटिंग का |

इनबाउंड मार्केटिंग में कस्टमर्स कंपनी के advertisement देखकर कंपनी को खुद कॉल करती हैं और प्रोडक्ट के बारे में जानकारी लेती हैं |

4.Transaction मार्केटिंग 

transaction मार्केटिंग में कंपनी कुछ ऐसे ऑफर देती हैं जिससे customer प्रोडक्ट की तरफ attract हो जाये और उसे खरीद ले |

जैसे – buy 1 get 2 फ्री , buy 2 शर्ट on 199

ये मैंने आपको कुछ ऐसे मार्केटिंग के तरीके बताया है तो ज्यादातर कंपनी इस्तेमाल करती हैं |

B2B मार्केटिंग क्या है ?

B2B का मतलब होता हैं business 2 बिज़नेस 

यह मार्केटिंग wholeseller, रिटेलर्स in सभी के बीच में होती है |

आजकल बहुत सी ऑनलाइन कंपनी हैं जो B2B को support करती हैं |

जैसे – alibaba.com , justdial JD mart , indiamart 

अधिक जानकारी के लिए आप इस विडियो को देखे –

यह विडियो हमने यूटूब से लिया है |

निष्कर्ष –

मैंने आज आपको मार्केटिंग क्या है, मार्केटिंग किसे कहते हैं ,मार्केटिंग कैसे काम करता है, मार्केटिंग करने का तरीका और मार्केटिंग के प्रकार ये सभी चीज़े अच्छे से समझा दिया हैं |

मैंने और भी बिज़नेस से रिलेटेड पोस्ट इस website पर डाले है आप चाहे तो उसे पढ़ सकते हैं |

आप निचे कमेंट करके हमे अपना फीडबैक दे सकते हैं |

हमारे द्वारा दी गयी जानकारी –




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3 thoughts on “मार्केटिंग किसे कहते हैं | मार्केटिंग करने का तरीका”

    • आप हमारे पोस्ट को पढ़ते रहें | हम भविष्य में ऐसी ही पोस्ट को पब्लिश करेंगे |

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